नयी दिल्ली :- भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) ने सोमवार को कहा कि उसने कम उत्सर्जन वाली इस्पात विनिर्माण प्रौद्योगिकियों के लिए रणनीति पर काम करने हेतु वैश्विक संसाधन कंपनी बीएचपी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने डीकार्बोनाइजेशन के लिए ग्लोबल कंपनी बीएचपी के साथ एक समझौता किया है। सेल द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों कंपनियों ने इस्पात निर्माण में डीकार्बोनाइजेशन का समर्थन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
“यह सहयोग भारत में ब्लास्ट फर्नेस लिए कम कार्बन स्टीलमेकिंग प्रौद्योगिकी मार्गों को बढ़ावा देने में सेल और बीएचपी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौता ज्ञापन के तहत, दोनों पक्ष पहले से ही ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन (जीएचजी) को कम करने के लिए विभिन्न रणनीतियों का आकलन करने के लिए प्रारंभिक अध्ययन के साथ ब्लास्ट फर्नेस (बीएफ) संचालित करने वाले सेल के एकीकृत इस्पात संयंत्रों में संभावित डीकार्बोनाइजेशन का समर्थन करने वाले कई कार्यप्रवाहों की खोज कर रहे हैं,”।
ये कार्य-प्रणालियाँ, ब्लास्ट फर्नेस के लिए हाइड्रोजन और बायोचार के उपयोग जैसे वैकल्पिक रिडक्टेंट्स की भूमिका पर विचार करेंगी, ताकि डीकार्बोनाइजेशन संक्रमण का समर्थन करने के लिए स्थानीय अनुसंधान और विकास क्षमता का निर्माण किया जा सके।
सेल के अध्यक्ष अमरेंदु प्रकाश ने कहा, “सेल, बीएचपी के साथ इस सहयोग को लेकर उत्साहित है, जिससे इस्पात उत्पादन के लिए टिकाऊ तरीके विकसित करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया जा सके। इस्पात क्षेत्र को जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ जोड़ने की उभरती आवश्यकता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”





