रांची : लेबर कोड लागू करने की दिशा में सीआईएल ने कदम बढ़ा दिए हैं।इस संदर्भ में निदेशक एचआर विनय रंजन ने सभी अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी को आज एक पत्र भेजा है।पत्र में लिखा है “
भारत सरकार ने पूर्व की 29 श्रम कानूनों को समेकित कर चार श्रम संहिताएँ अधिनियमित की हैं, जो 21 नवम्बर 2025 से प्रभावी होंगी।
अब, संहिताओं से संबंधित नियमों के अंतिम रूप लेने के साथ, देश के प्रमुख नियोक्ताओं में से एक होने के नाते, कोल इंडिया लिमिटेड के लिए यह आवश्यक है कि यह संक्रमण उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों में निर्बाध, सुव्यवस्थित एवं तैयारी-आधारित तरीके से किया जाए।
आपसे निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ करने का अनुरोध किया जाता है:
क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण (Capacity Building & Training):
श्रम संहिताओं के प्रावधानों, अनुपालनों एवं प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं से संबंधित सभी हितधारकों के लिए संरचित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। अनुषंगी कंपनियाँ आवश्यकतानुसार आंतरिक संसाधनों, एचआरडी केंद्रों का उपयोग कर सकती हैं या विषय विशेषज्ञों की सेवाएँ ले सकती हैं, ताकि समझ एवं क्रियान्वयन की तैयारी को सुदृढ़ किया जा सके।
हितधारकों के साथ सहयोग (Collaboration with Stakeholders):
प्रमुख हितधारकों, जैसे कि ट्रेड यूनियन, ठेकेदार प्रतिनिधि आदि के साथ सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे स्पष्ट संप्रेषण हो, भ्रम की स्थिति कम हो, और संहिताओं के अंतर्गत किए गए परिवर्तनों की साझा समझ विकसित हो।
संक्रमण सुविधा (Transition Facilitation):
संबंधित अधिकारियों की एक टीम गठित की जा सकती है, जो वर्तमान प्रथाओं, प्रणालियों एवं अभिलेखों की समीक्षा कर उन अंतरालों (gaps) की पहचान करे, जिनमें नई संहिताओं के अनुरूप संशोधन की आवश्यकता हो। आवश्यक हस्तक्षेप, CIL मुख्यालय के समन्वय से किए जा सकते हैं।
CIL मुख्यालय को प्रगति प्रतिवेदन (Progress Reporting to CIL HQ):
CIL स्तर पर समन्वित निगरानी को सुगम बनाने हेतु, प्रत्येक अनुषंगी कंपनी से अनुरोध है कि वह श्रम संहिता क्रियान्वयन हेतु वरिष्ठ प्रबंधक (Sr. Manager) से कम स्तर का नहीं एक नोडल अधिकारी नामित करे तथा प्रत्येक माह (प्रत्येक माह की 10 तारीख तक) CIL मुख्यालय, MP&IR विभाग को तैयारी एवं प्रगति गतिविधियों की रिपोर्ट प्रेषित करे। इसके लिए एक मानक प्रतिवेदन प्रारूप संलग्न किया जा रहा है।



