रांची :-जबलपुर हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने सीआईएल को कोल अधिकारियों को 4 सप्ताह में एरियर की पहली किश्त भुगतान करने का आदेश दिया है।माननीय कोर्ट बीते कल 27 अप्रैल को अपील क्रमांक : 1486/2023
(द कोल इंडिया लिमिटेड एवं अन्य बनाम कुंदन सहगल एवं अन्य) की सुनवाई के बाद दिया।मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी।सुनवाई के दौरान माननीय मुख्य न्यायाधीश ने कोयला मंत्रालय की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता को कुछ ऐसा कहा कि अतिरिक्त महाधिवक्ता महोदय को जवाब नहीं सूझ रहा था।अपीलकर्ताओं के अधिवक्ता ने कहा कि 27 जनवरी को आश्वासन दिया गया था कि बकाया राशि का भुगतान तीन समान किश्तों में किया जाएगा।पहले किश्त का भुगतान अप्रैल 26,दूसरा किश्त अगस्त 26 एवं तीसरा किश्त दिसंबर 26 में भुगतान किया जाएगा।लेकिन आज तक पहली किश्त का भुगतान नहीं हुआ है और एरियर की गणना की विधि बताई गई है।इस कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा , ” वेस्ट एशिया के जिओ पोलटिक्स यानी अमेरिका इजरायल और ईरान युद्ध के कारण एरियर भुगतान नहीं हो पाया, इसलिए कुछ समय दिया जाए।इस पर अपीलकर्ताओं के अधिवक्ता ने कहा, ” एरियर भुगतान की राह में वेस्ट एशिया और कि जिओ पोलटिक्स को कारण बताया जा रहा,दूसरी ओर आज ही 2000 करोड़ डिविडेंट देने की घोषणा की गयी है।इस पर माननीय मुख्य न्यायाधीश ने कहा ,” वेस्ट एशिया के जिओ पोलटिक्स के कारण एरियर का भुगतान नहीं हो रहा है,तब हम डिविडेंट की घोषणा पर रोक लगा देते हैं “।माननीय मुख्य न्यायाधीश ने समय देने से इंकार करते हुए कहा, ” चार सप्ताह में एरियर का पहला किश्त भुगतान करिए “। आदेश :- कोल मंत्रालय/कोल इंडिया को निर्देशित किया जाता है कि आज से अधिकतम 4 सप्ताह के भीतर बकाया राशि की पहली किश्त का भुगतान करें,सभी अधिकारियों को एरियर गणना का विवरण भी उपलब्ध कराएं।अगली सुनवाई के लिए 6.7.2026 को सूचीबद्ध किया जाए।





