रांची : आरसीएसएस(इंटक) विवाद की सुनवाई के बाद जबलपुर हाई कोर्ट ने इंडस्ट्रियल कोर्ट रीवा द्वारा 1.5.2025 को दिए आदेश को निरस्त कर दिया।माननीय हाई कोर्ट ने इंडस्ट्रियल कोर्ट को इस प्रकरण को ट्रेड यूनियंस अधिनियम, 1926 की धारा 28-J के अंतर्गत याचिकाकर्ता द्वारा दायर आवेदन पर पुनर्विचार हेतु पुनः औद्योगिक न्यायालय को प्रेषित (Remand) किया जाता है। औद्योगिक न्यायालय को यह स्वतंत्रता होगी कि वह याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों तथा इस न्यायालय द्वारा रिट याचिका क्रमांक 13689/2024 में की गई टिप्पणियों के संदर्भ में जाँच कराए।माननीय हाई कोर्ट ने ट्रेड यूनियन रजिस्टार भोपाल द्वारा 19.6.2024 के आदेश पर कई सवाल उठाए हैं पर उक्त आदेश को न निरस्त किया है और न ही उस पर स्टे दिया है।उल्लेखनीय है ट्रेड यूनियन रजिस्टार के निर्देश के बाद लाल पुष्पराज सिंह को मान्यता मिली थी।इसके खिलाफ बीरेंद्र सिंह बिष्ट ने याचिका दायर किया था। 7 मार्च 2026 को सुनवाई के बाद माननीय न्यायधीश ने आदेश सुरक्षित रख लिया था।कल गुरुवार 29 अप्रैल को आदेश जारी हुआ।अब मामला एक बार फिर से इंडस्ट्रियल कोर्ट रीवा पहुंच गया है।जहां अपीलकर्ता बीरेंद्र सिंह बिष्ट के आपत्तियों पर सुनवाई होगी।
इधर हाई कोर्ट के फैसले पर लाल पुष्पराज सिंह ने कहा , ” माननीय हाई कोर्ट ने इंडस्ट्रियल कोर्ट द्वारा 1.5.2025 को दिए आदेश को रद्द करते हुए दुबारा सुनवाई करने हेतु रिमांड किया है।संगठन द्वारा 31.3.2024 को कराए चुनाव एवं ट्रेड यूनियन रजिस्टार द्वारा 19.6.2024 को जारी आदेश पर कोई रोक नहीं लगाया है।इस आलोक में संगठन के सारे केंद्रीय पदाधिकारी कार्य करते रहेंगे।संगठन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।इंडस्ट्रियल कोर्ट द्वारा पुनः सुनवाई की नोटिस मिलने पर सुनवाई में शामिल होंगे और अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।




