रांची :- हिंद मजदूर सभा से जुड़े एवं सीसीएल में सक्रिय राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन में विवाद शुरू हो गया।सीसीएल के एनके एरिया से विवाद की शुरुआत हुई है।बीते 5 दिसंबर को एरिया के उपाध्यक्ष ( नाम नहीं) के हस्ताक्षर से एवं सचिव सीसीएल ललन सिंह के हवाले से एक पत्र जारी किया गया।जिसमें कहा गया कि 6 दिसंबर को ललन सिंह के आवासीय कार्यालय में आवश्यक बैठक है,जिसमें उपस्थिति आवश्यक है।पत्र कुछ शाखा अध्यक्ष/सचिव को छोड़ सबको दी गयी।इस पत्र की आश्चर्यजनक एवं दिलचस्प बात यह है कि बैठक की सूचना न एरिया अध्यक्ष और न ही एरिया सचिव को दी गयी।बैठक के पत्र पर उपाध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं,नाम नहीं हैं,जो चर्चा का विषय बना हुआ है।आज के कुछ अखबार में छपी खबरों के मुताबिक बैठक हुई,बैठक में एरिया कमेटी के प्रति असंतोष प्रकट करते हुए एरिया कमेटी का पुनर्गठन का फैसला लिया गया।

पुनर्गठन के लिए 8 दिसंबर को बैठक आहूत की गयी है।एन के एरिया में व्याप्त चर्चाओं पर भरोसा करें तो सचिव ललन सिंह वर्तमान एरिया सचिव को हटाना चाहते हैं।बताते हैं की ललन सिंह सीसीएल जेसीसी के सदस्य थे।लेकिन एक महिला अधिकारी से दुर्व्यवहार करने के आरोप में सीसीएल ने ललन सिंह को आवंछित तत्व घोषित कर दिया।यूनियन के महामंत्री द्वारा काफी अनुनय करने के बाद प्रबंधन ने इस शर्त के साथ नन ग्राटा वापस लिया कि ललन सिंह को एक वर्ष तक किसी कमेटी में मनोनीत नहीं किया जाएगा।सूत्र बताते हैं केंद्रीय सचिव के साथ ललन सिंह एनके एरिया सचिव भी बनना चाहते हैं।आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि अगर ऐसा नहीं है तो बैठक की जानकारी एरिया अध्यक्ष / सचिव को क्यों नहीं दी गयी ? क्या एरिया कमेटी के पुनर्गठन की सहमति महामंत्री से ली गयी है? और इतनी जल्दबाजी क्यों? बहरहाल इस मुद्दे पर कोई भी अधिकृत रुप से बोलने को तैयार नहीं।अब देखिए 8 दिसंबर को क्या होता है।





