रांची : हिंद खदान मजदूर फेडरेशन(एचएमकेएफ) के उपाध्यक्ष व एसईसीएल कोयला मजदूर सभा(केएमएस) के महामंत्री नाथूलाल पांडेय का संकट गहराता जा रहा है.केएमएस के वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर गठित उच्च कमेटी का रुख अब गम्भीर हो गया है।कमेटी ने 15 मई को एसईसीएल में ही जांच के लिए श्री पांडेय को कमेटी के समक्ष हाजिर होने का फरमान जारी किया है।कमेटी द्वारा कड़े फैसले लिए जाने की संभावना जतायी जा रही है।उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 9 मई को दिल्ली स्थित एचएमएस के केंद्रीय कार्यालय में श्री पांडेय को जांच कमेटी के समक्ष हाजिर होने की सूचना दी गयी थी।लेकिन वे हाजिर नहीं हुए थे।
मामला : करीब दो दशकों तक श्री पांडेय ने फेडरेशन पर एकछत्र राज किया।वर्ष 2024 में उनके खिलाफ अभियान शुरू हुआ.फेडरेशन के अधिवेशन करने की जोरदार मांग हुई।मामला एचएमएस के राष्ट्रीय महामंत्री हरभजन सिंह तक पहुंचा।मीटिंग हुई.हरभजन सिंह प्रभारी महामंत्री बने.फेडरेशन के अधिवेशन की तारीख तय हुई.अधिवेशन में हरभजन सिंह महामंत्री और एसईसीएल के रेशमलाल यादव अध्यक्ष बने.नाथूलाल पांडेय उपाध्यक्ष बने.इसके बाद श्री पांडेय ने एसईसीएल केएमएस भारी फेरबदल करते हुए रेशमलाल यादव को अध्यक्ष पद से हटा दिया।श्री पांडेय पर यूनियन के पैसे का गबन कर अपने बेटों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा।मामला ट्रेड यूनियन रजिस्टार तक पहुंचा.केएमएस के आंतरिक जांच कमेटी ने जांच में वित्तीय अनियमितता के आरोप को सही पाया.फेडरेशन कार्यकारिणी की 19 फरवरी को एनसीएल में हुई बैठक में एक जांच कमेटी गठित हुई.जिसमें फेडरेशन के अध्यक्ष रेशमलाल यादव,उपाध्यक्ष सिद्धार्थ गौतम और संयुक्त महामंत्री शिवकुमार यादव शामिल थे.जांच कमेटी ने 9 मई को बुलाया,लेकिन श्री पांडेय हाजिर नहीं हुए.अब जांच कमेटी ने एसईसीएल में ही 15 मई को बुलाया है।देखना यह दिलचस्प होगा कि श्री पांडेय 15 मई को जांच कमेटी के समक्ष हाजिर होते हैं या नहीं.वहीं सूत्र बताते हैं कि ” अगर श्री पांडेय हाजिर नहीं होते हैं तो कमेटी कड़ा रुख अख्तियार कर सकती है.



