रांची :- सीसीएल में बीएमएस की यूनियन सीसीएल सीकेएस के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारियों पर जो स्टेच्यूरी पद पर पदस्थापित हैं पर डियूटी न कर भत्ता आदि का भुगतान लेते हैं। ऐसा आरोप लगाते हुए कोयला मंत्री,कोल सचिव,सीआईएल चेयरमैन समेत तमाम उच्च पदस्थ अधिकारियों से रांची की एक संस्था ” समाजिक सुरक्षा समन्वय समिति ” ने लिखित शिकायत किया है।बताते हैं उक्त आलोक में सीसीएल प्रबंधन ने जांच शुरू कर दिया है।सीसीएल के जीएम(आईआर) ने कंपनी के सभी एसओपी को पत्र लिख कर रिपोर्ट तलब किया है।शिकायत पत्र में यूं तो पूरे ओवर मैन एवं माइनिंग सरदार की शिकायत की गयी है,पर सीसीएल सीकेएस से जुड़े लोगों के नाम लिखे हुए हैं।शिकायत में कहा गया है कि यूनियन के पदाधिकारी काम नहीं करते हैं और अनुचित ढंग से लाभ लेते हैं।माइनिंग स्टाफ को चार्ज लेन-देन पर एक घण्टे का चार्ज अलाउंस मिलता है।यह राशि प्रतिमाह न्यूनतम 25 हजार से 30 हजार होता है।इधर जीएम (आईआर&सुरक्षा) ने सभी एसओपी को 6 सितंबर को पत्र लिख कर कहा है कि स्टेच्यूरी पद पर कार्यरत कर्मियों को भुगतान होने वाले चार्ज अलाउंस के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।वहीं चर्चा है सीसीएल सीकेएस का एक प्रतिनिधिमंडल जीएम आईआर & सुरक्षा से मिला था और कोई कार्रवाई न करने का दवाब बना रहा था।सूत्र तो ये कहते हैं कि शिकायत पीएमओ को भी गयी है।इसलिए सीसीएल प्रबंधन इतना रेस है।
शिकायत में जिनके नाम हैं ;- मनोज कुमार रजक (एनके एरिया), संजय कुमार चौधरी (पिपरवार), शशिभूषण सिंह (सयाल एरिया), जेपी झा (हजारीबाग एरिया), सुधीर कुमार (हजारीबाग एरिया), जयप्रकाश राणा (हजारीबाग एरिया), रणविजय सिंह (हजारीबाग एरिया), रामेश्वर मंडल (कथारा एरिया), निर्गुण महतो (कुजू एरिया), विशाल कुमार (रजरप्पा एरिया), मुकेश कुमार (मगध अम्रपाली), मदन कुमार (अरगड्डा), मयूरा मंडल (पिपरवार) अपनी ड्यूटी निर्वहन नहीं कर रहे हैं और गलत तरीके से चार्ज एलांउस प्राप्त कर रहे हैं।【इंडस्ट्रियल पंच IP से इनपुट के साथ】



