धनबाद :- कोल इंडिया के बड़े अधिकारी व बड़े नेता बात बात पर कहते हैं कि, ” सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं ” पर हकीकत कुछ और ही बयां करता है। कोयला खदानों की सुरक्षा पर कोयला मंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी व कोल इंडिया सेफ्टी बोर्ड की बैठक सालों से नहीं हुई है।जेबीसीसीआइ में बहुत ऐसे मुद्दे हैं जिनका निराकरण मानकीकरण कमेटी को करना है।पर पिछले 7 महीनें से मानकीकरण कमेटी की बैठक नहीं हुई है।चर्चा है कि कमेटियों की बैठक प्रबंधन की मेहरबानी पर है।प्रबंधन की जब इच्छा होती है बैठक आहूत करता है।ऐसे में कमेटियों में यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वालों एवं यूनियनों पर सवाल उठना लाजमी है। आइए जानते हैं कमेटियों का हाल :-
स्टैंडिंग कमेटी ऑन सेफ्टी इन कोल माइंस :- इस कमेटी की अध्यक्षता कोयला मंत्री करते है।इसे सुरक्षा की सर्वोच्च कमेटी कहा जाता है।इस कमेटी की अंतिम बैठक दिसंबर 2022 में हुई थी।बताते हैं कि इस कमेटी की बैठक के लिए मंत्री इच्छुक नहीं होते।मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक आज कोई ऐसा मजदूर नेता नहीं है जो सीधे मंत्री से बात कर सकता है।पूर्व में बीएमएस के डॉ बीके राय सीधे मंत्री से बात किया करते थे।जब तक डॉ राय इस कमेटी के सदस्य रहे तब तक बैठक नियमित होती रही।
कोल इंडिया सेफ्टी बोर्ड :- इस कमेटी की अंतिम बैठक जुलाई 2023 में हुई थी।पहले एक वर्ष में 3 – 4 बैठक हुआ करता था।
मानकीकरण कमेटी :- इस कमेटी की अंतिम बैठक फरवरी 2024 में जैसलमेर में हुई थी।इस कमेटी में जेबीसीसीआइ के लंबित मुद्दों,मजदूरों के प्रमोशन आदि पर फैसले होते हैं।पहले इस कमेटी की बैठक हर तीन माह में हुआ करता था।जानकारी के अनुसार इस कमेटी की आगामी बैठक एक अक्टूबर को होने की संभावना है,जिसमे वर्ष 2024 का सालाना बोनस तय होगा।


