संजीव , धनबाद:-कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) एवं इसकी अनुषंगी इकाईयों के 58736 आवासों पर गैर कर्मियों / बाहरी लोगों का कब्जा है। वहीं 14575 आवासों पर रिटायर कोल कर्मचारियों ने कब्जा कर लिया है। यह खुलासा कंपनी की एक रिपोर्ट में हुआ है। दशकों से रिटायर्ड कोल कर्मचारियों को आवास लीज या किराए पर देने की मांग होती रहती है। परन्तु धारण है कि न सुनता है, न सुनता है। इधर इस वर्ष प्रबंधन ने इस मुद्दे पर एक समिति बनाई है। एक बैठक भी हुई है। दूसरी बैठक इसी माह होने की संभावना जताई जा रही है।
प्राप्त आकड़ो के मुताबिक सबसे अधिक अवैध कब्जा वाले आवासों की संख्या सीसीएल में 19591 और रिटायर कर्मचारियों द्वारा कब्जा वाले आवासों की संख्या 2618 है। इस आंकड़े में सबसे दिलचस्प आंकड़ा बीसीसीएल का है। जहां केवल बाहरी लोगों द्वारा कब्जा किए गए आवासों की संख्या 8403 बतायी गयी। जबकि इस सूची में रिटायर कर्मचारियों द्वारा कब्जा किए आवासों का कोई जिक्र ही नहीं है। जबकि जानकर बताते हैं कि बीसीसीएल में रिटायर कर्मियों द्वारा कब्जा किए आवासों की तादाद अच्छी खासी है। ईसीएल में बाहरी द्वारा 15498, रिटायर कर्मियों द्वारा 1504, एमसीएल में बाहरी लोगों द्वारा 1384, सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा 287, एनसीएल में बाहरी द्वारा 160, सेवानिवृत्त कर्मियों द्वारा 130, एसईसीएल में बाहरी द्वारा 9056 , सेवानिवृत्त कर्मियों द्वारा 4162, सीएमपीडीआई में बाहरी द्वारा 11, एनइसी में सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा 17 आवासों पर कब्जा है।सीआईएल मुख्यालय में एक भी आवास पर किसी तरह का कब्जा नहीं है। आकड़ो के मुताबिक सीआईएल और इसकी अनुषंगी इकाइयों ने अन्य को आधिकारिक रूप से 8349 आवास आवंटित किए हैं। पिछले महीने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवास आवंटित के गठित कमेटी की हुई बैठक में प्रबंधन द्वारा पेश किए गए आकड़ो पर आपत्ति जताने के बाद प्रबंधन ने अगली मीटिंग में तथ्यात्मक आंकड़े प्रस्तुत करने की बात कही है। एक श्रमिक नेता ने कहा कि जो बाहरी लोग कब्जा जमाएं है उनका बिजली का भुगतान भी कंपनी कर रही है। अगर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लीज पर रेंट पर दे दिया जाता है तो कंपनी को लाभ होगा।




