धनबाद :- सीआईएल के क्वार्टरों के आकड़ो में बड़ा झोल है। आधिकारिक आकड़ो को देखने का बाद कई सवाल खड़ा होते हैं कि क्या सीआईएल को अपने क्वार्टरों की सही जानकरी नहीं है ? या सीसीएल गलत जानकारी दिया है ? ये सवाल खड़ा होते हैं सीआईएल के एक रिपोर्ट से। इस रिपोर्ट की कॉपी ट्रेड यूनियन नेताओं को उपलब्ध कराए गए हैं। लेकिन अभी तक किसी श्रमिक नेता का इस पर कोई बयान नहीं जारी हुआ है। एक ही रिपोर्ट में दो आंकड़े ? अब किसे सही माना जाएगा ? एक श्रमिक कहता है ई सीआईएल है, यहाँ सब चलता है। नेता रिपोर्ट को गहनता से देखेंगे पढ़ेंगे तब न ?
पिछले सप्ताह एक मीटिंग हुई थी। जिसमें मजदूर नेता भी शामिल थे। उस मीटिंग में सबको एक रिपोर्ट की किताब दी गयी। उस रिपोर्ट के टेबल है – ” क्वार्टर रिपेयरिंग स्टेटस ” । जिसमें टोटल क्वार्टर वाले कॉलम में सभी अनुषंगी इकाइयो की क्वार्टरों की संख्या लिखी हुई है। इसमें कुल सीआईएल के कुल क्वार्टरों की संख्या 2,86,925 है। दूसरा टेबल है – ” क्वार्टर ऑक्यूपेंसी स्टेटस ” । इसमें कुल क्वार्टर की संख्या है 3,11,100 । गौर से देखने का बाद ये पता चलता है कि सीसीएल के आकड़ो में अंतर है। रिपेयरिंग स्टेटस में 35,703 है तो ऑक्यूपेंसी स्टेटस में 59,878 है । सीसीएल के ऑक्यूपेंसी स्टेटस में जो लिखा है उसके मुताबिक 26,690 क्वार्टर कर्मचारियों को ,ऑफिशियली 2003 लोगों को आवंटित हैं। जबकि 19,591 बाहरी लोगों द्वारा एवं 2618 सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा कब्जा है। वहीं बीसीसीएल के बारे में वहां के एक मजदूर नेता ने कहा कि बीसीसीएल की भूली कॉलोनी में कंपनी के 6000 हजार से अधिक आवास हैं, जिसमें से लगभग 5000 पर बाहरी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कब्जा है।



