धनबाद :- देश के सार्वजनिक क्षेत्र के महारत एवं दुनिया मे सबसे अधिक कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के कुल उत्पादन में 61% हिस्सेदारी ठेका मजदूरों की है। वित्तीय वर्ष 2023 – 24 के आकड़ो के मुताबिक सीआईएल ने कल 773.63 एमटी कोयले का उत्पादन किया।जिसमें विभागीय उत्पादन 302.42 एमटी एवं आउट सोर्सिंग से उत्पादन 471.21 एमटी है। जबकि गत वित्तीय साल 2022 – 33 में विभागीय उत्पादन 291.71 एमटी और आउट सोर्सिंग से उत्पादन 411.50 एमटी यानी कुल उत्पादन 703.21 एमटी हुआ था।यानी वीते वित्तीय वर्ष से लगभग 60 एमटी अधिक कोयले का उत्पादन आउट सोर्सिंग से हुआ जबकि विभागीय उत्पादन में उत्पादन में लगभग 10 एमटी की बढ़ोतरी हुई।सूत्रों की माने तो सीआइएल के उत्पादन में ठेका मजदूरों की हिस्सेदारी आगे और बढ़ने वाली है।स्थायी मजदूर घटते जा रहे हैं और ठेका मजदूर लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
आकड़ो के मुताबिक वित्तीय साल 2023 – 24 में बीसीसीएल में ठेका मजदूरों 30.64एमटी,सीसीएल में 69.75 एमटी, ईसीएल में 32.19 एमटी, डब्ल्यूसीएल में 39.68 एमटी, एसईसीएल में 129.66 एमटी, एमसीएल में 169.09 एमटी और एनईसी में 0.2एमटी कोयले का उत्पादन किया।एक ठेका मजदूर नाम नहीं लिखने की शर्त पर कहता है, ” क्या मिलता है हम लोगों को? न एचपीसी का वेतन,न बोनस और न ही अन्य सामाजिक सुरक्षा। 23 घण्टा नौकरी,नौकरी की कोई गारंटी नहीं।बहरहाल सीआईएल प्रबंधन एवं श्रमिक संगठनों को ठेका मजदूरों पर गम्भीरता से ध्यान देने की जरूरत है। ठेका मजदूरों को एचपीसी का वेतन, बोनस एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होना चाहिए।




