धनबाद :- सीएमपीएफ बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (बीओटी) की आज दिल्ली में बैठक बोर्ड के चैयरमैन व कल सचिव की अध्यक्षता में हुई।बैठक में न ही कुछ बड़े फैसले हुए और न ही बड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। ट्रस्टी बोर्ड की बैठक में आज एक बार फिर डीएचएफएल में डूबे राशि के दोषियों के नाम नहीं बताए गए।आज कोल सचिव ने फिर इस मुद्दे पर वही पुराना राग गाया जो पिछले कई बैठकों में गाते आ रहे हैं।जब यूनियन प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को उठाया तो उन्होंने कहा कि ” विजलेंस जांच की रिपोर्ट मिली,सलाह / सुझाव के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग(सीवीसी ) भेजा गया।सीवीसी की सलाह भी प्राप्त हो गया है।कार्रवाई की जा रही है “। मतलब पिछले नवंबर 2023 से यही राग व गीत गाते आ रहे हैं और यूनियन नेता सुनते आ रहे हैं।
बैठक में यह हुआ
सीएमपीएफ के पीएफआई को ठेका मजदूरों को जोड़ने में लगाने,सीएमपीएफ कर्मियों के प्रमोशन, डेथ केस को ऑनलाइन सेटल करने पर चर्चा।बैठक में पीएफ/ पेंशन स्कीम को री – राइट करने पर सहमति बनी। नन माइनिंग ठेका मजदूरों को पीएफ / ईपीएफओ से कैसे जोड़ा जाए इसके लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसमे डीपी सीआईएल,डीपी सिंगरेनी, रमेंद्र कुमार(एटक) और बीएमएस के आशीष मूर्ति शामिल हैं।
कोयला मंत्री का आमंत्रण!
जानकारी के अनुसार कोयला जी किशन रेड्डी, कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने यूनियन नेताओं को आमंत्रित किया है।आज रात 8 बजे मंत्री नेताओं से मिलेंगे।
बैठने को लेकर….
बताते हैं बैठक की शुरूआत में बीएमएस के के एल रेड्डी आए, फिर यह कहते हुए निकल गए कि कुछ कार्यवश जा रहे हैं।लेकिन चर्चा है कि नम्बर एक स्थान पर बैठने को लेकर उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया,हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पायी।लेकिन इतना तय है कि सिटिंग को लेकर विवाद कायम है।



