रांची : कोलकाता हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद इंटक ने बीएमएस और कोल मंत्रालय पर बड़ा हमला बोला है।इंटक के फेडरेशन INMF के सेक्रेटरी जनरल एस क्यू जामा ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा :- दोस्तों नमस्कार
बी एम एस की साज़िश नाकाम , कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया मुंह के वल गिरा ।
माननीय कोलकाता उच्च न्यायालय में या फैसला दिया की इंडियन नेशनल माईन वर्कर्स फेडरेशन ( इंटक ) बोनस की बैठक में शामिल होगी । मैं तो बाकी संगठनों जो कल इंडिया स्तर पर कार्य करती है उनका भी आभार मानूंगा जो इस मुद्दे पर सच्चाई के साथ खड़े हो रहे थे ।
जय इंटक , यह उन साथियों के लिए भी सोचने का वक्त है जिन्होंने बुरे व क्त पर इंटक का साथ छोड़ा इतने साल साथ रहने के बाद ।
WCL इंटक के यूनियन RKKMS के महामंत्री केके सिंह ने भी सोशल मीडिया के जरिए बीएमएस पर हमला किया है।उन्होंने लिखा है , ” साथियों जानकारी प्राप्त हो रही है की भारतीय मजदूर संघ बीएमएस फिर दबाव बना रही है कि कोल इंडिया सुप्रीम कोर्ट जाए , अगर यह सही है तो इससे बड़ा दुर्भाग्य हो नहीं सकता की कोई संगठन केवल अपना वर्चस्व बढ़ने के लिए कामगारों के प्रजातांत्रिक इस हक को कि वह जिसको चाहे उसके सदस्य बन सकते हैं इससे उन्हें वंचित करें ।
अगर ऐसा होता है तो सभी कामगारों ने ऐसे नेता और ऐसे संगठन का विरोध करना चाहिए और अन्य सभी संगठन और कामगार एकजुट होकर इस नीति और नियत के के विरुद्ध अब हड़ताल करना चाहिए , अपने मुद्दों के लिए तो हड़ताल किया है लेकिन अब प्रजातांत्रिक मूल्यों को जिंदा रखने के लिए हड़ताल करना अति आवश्यक है ।





