धनबाद (सीएनएन) :- भारतीय मजदूर संघ का कोल फेडरेशन अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ ने श्रम मंत्रालय के सचिव, कोयला मंत्रालय के सचिव और कोल इंडिया अध्यक्ष को 30 अप्रैल 2024 को पत्र लिखा है।जिसमें कोल इंडिया एवं इसके अनुषंगी कम्पनियों के इकाई स्तर पर औधोगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 3 के तहत वर्क्स कमेटी गठन को स्थायी रूप से छूट देने की मांग की गयी है।पत्र एबीकेएमएस के महामंत्री सुधीर घुरडे ने लिखा है।
क्या है पत्र में
श्री घुरडे ने लिखा है कि श्रम मंत्रालय,कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया के पत्र के आलोक में वर्क्स कमेटी करना है।लेकिन कोल इंडिया एवं अनुषंगी कम्पनियों के इकाई स्तर पर कामगारों के हितों एवं उत्पादन लक्ष्य प्राप्ति के लिए कंपनी द्वारा अनेक स्तर पर दिवपक्षीय समितियों में प्रबंधन एवं श्रमिक प्रतिनिधि चर्चा करते हैं। जेसीसी के माध्यम से समस्याओं का निराकरण किया जाता है।वर्क्स कमेटी से बेहतर व्यवस्था वर्तमान में कंपनी द्वारा दिवपक्षीय एवं त्रिपक्षीय कमेटियों का गठन किया गया है।कोल इंडिया स्तर पर जेबीसीसीआइ, एपेक्स जेसीसी,सुरक्षा बोर्ड,कल्याण बोर्ड,मानकीकरण समिति,कंपनी स्तर पर जेसीसी,वेलफेयर बोर्ड,सुरक्षा बोर्ड,क्षेत्रीय स्तर पर जेसीसी,वेलफेयर समिति,सुरक्षा समिति, इकाई स्तर पर कल्याण समिति, कैंटीन समिति, आवास आवंटन समिति, खान सुरक्षा समिति है।उन्होंने लिखा है कि रांची में 5,6,मार्च 20124 को संघ कार्यसमिति की हुई 109 वीं बैठक में वर्क्स कमेटी गठन के प्रस्ताव को निरस्त करने का प्रस्ताव भेजने का निर्णय हुआ था।क्योंकि वर्क्स कमेटी से उद्योग को कोई लाभ नहीं होगा।श्री घुरडे ने वर्क्स कमेटी गठन के प्रस्ताव को निरस्त करने का आग्रह श्रम मंत्रालय, कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया से किया है।





