रांची : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के शीर्ष प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के निदेशक (मानव संसाधन) विनय रंजन को सेवा विस्तार नहीं दिया गया है। इसके साथ ही चर्चा तेज है कि सीआईएल के वर्तमान निदेशक (मार्केटिंग) मुकेश चौधरी को निदेशक (मानव संसाधन) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में कोयला मंत्रालय से प्रस्ताव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भेजा जा चुका है।कोयला मंत्रालय के स्थापना अनुभाग द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने विनय रंजन के कार्यकाल को 27 जुलाई 2026 के बाद आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है।विनय रंजन ने 27 जुलाई 2021 को कोल इंडिया के निदेशक (मानव संसाधन) का पदभार ग्रहण किया था। इससे पूर्व वे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) में 3 मार्च 2020 से 27 जुलाई 2021 तक निदेशक (कार्मिक) के रूप में कार्यरत रहे।
5 सालों में बदली तस्वीर
विनय रंजन का कार्यकाल कोल इंडिया के मानव संसाधन प्रबंधन में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी बदलावों के लिए जाना जाएगा। उनके नेतृत्व में अनेक नीतिगत निर्णय लागू किए गए, जिनका व्यापक प्रभाव कर्मचारियों और संगठन दोनों पर पड़ा।
प्रमुख उपलब्धियां
*कार्मिक विभाग का नाम बदलकर मानव संसाधन विभाग किया गया।
*लगभग 11 हजार कर्मचारियों को अधिकारी संवर्ग में पदोन्नति देकर वर्षों से लंबित मामलों का समाधान किया गया।
*दशकों से प्रचलित कैटेगरी-वन पदनाम को बदलकर जनरल असिस्टेंट किया गया।
(कर्मचारियों और उनके आश्रितों के बेहतर इलाज के लिए अपोलो हॉस्पिटल तथा नारायणा हेल्थ के साथ स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी समझौते किए गए।
*उनके कार्यकाल में लगातार दो बार कोल इंडिया को “ग्रेट प्लेस टू वर्क” का सम्मान प्राप्त हुआ, जिसे कंपनी की मानव संसाधन नीतियों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार में !
उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि फिलहाल यह पद लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार में रह सकता है। कारण यह है कि 27 जुलाई के बाद पीईएसबी इस पद के लिए रिक्ति का विज्ञापन जारी करेगा। इसके बाद आवेदन आमंत्रित होंगे, साक्षात्कार होगा, चयन प्रक्रिया पूरी होगी और अंततः कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) से अंतिम मंजूरी मिलेगी। पूरी प्रक्रिया में सामान्यतः एक वर्ष या उससे अधिक समय लग सकता है।
महत्वपूर्ण समय में खाली हो रहा है अहम पद
निदेशक (मानव संसाधन) का यह परिवर्तन ऐसे समय हो रहा है, जब कोल इंडिया के सामने 12वीं जेबीसीसीआई के गठन, नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन, भविष्य के वेतन समझौते तथा अनेक महत्वपूर्ण मानव संसाधन सुधारों जैसे बड़े मुद्दे लंबित हैं। ऐसे में नए एचआर नेतृत्व की नियुक्ति और अंतरिम व्यवस्था पर पूरे कोयला उद्योग की निगाहें टिकी हुई हैं।




