रांची :- केंद्रीय खान मंत्रालय एवं ओडिशा सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आज से ओडिशा के कोणार्क में तीसरा राष्ट्रीय खनन मंत्रियों के सम्मेलन शुरू हुआ।इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी, 14 राज्यों के खनन मंत्री, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के लीडर और प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भारत के खनन क्षेत्र की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बुनियादी ढांचे, उद्योगों और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण खनिजों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने राज्यों को खनन के टिकाऊ तौर-तरीके सुनिश्चित करते हुए महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और नीलामी में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारत के खनन परिदृश्य में ओडिशा की अहम भूमिका को दोहराते हुए इसके समृद्ध खनिज संसाधनों और टिकाऊ खनन के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “ओडिशा विकसित भारत के सपने को साकार करने में आगे भी देश का नेतृत्व करता रहेगा।
खान मंत्रालय के सचिव वी.एल. कांथा राव ने जल्द ही शुरू होने वाले राष्ट्रीय महत्वपूर्ण (क्रिटिकल) खनिज मिशन (सीएमएम) के माध्यम से घरेलू महत्वपूर्ण खनिज उत्पादन पर सरकार के जोर पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों में 75% खनन ब्लॉक की नीलामी की गई है, जिसमें ओडिशा ने पिछले एक दशक में खनिज राजस्व में ₹1.33 लाख करोड़ का योगदान दिया है।




