धनबाद :- सेवा(CEWA) के सचिव व आरटीआई कार्यकर्ता संजीव श्रीवास्तव ने आरटीआई के तहत आवेदन देकर डीएचएफल मामले की कोयला मंत्रालय द्वारा कराए गए विजलेंस जांच रिपोर्ट की जानकारी मांगी है। विदित हो कि डीएचएफल में सीएमपीएफओ के 727.67 करोड़ समय रहते निवेश राशि वापस नहीं लेने के कारण डूब गए।कैग(CAG) रिपोर्ट में इसके लिए सीएमपीएफओ को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद कोयला मंत्रालय द्वार विजलेंस जांच करायी गयी। नवंबर 2023 में बीओटी की हुई बैठक में बीओटी अध्यक्ष व कोयला सचिव ने कहा था कि जांच में जिम्मेदारी तय हो गयी है,सजा को लेकर सीवीसी की सलाह प्राप्त हो गयी है,मंत्रालय कार्रवाई कर रहा है।संजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि, “जांच हुए और सीवीसी की सलाह मिले एक वर्ष से अधिक समय गुजर गया।मगर जिन कोयला कामगारों का मेहनत की कमाई का पैसा डूबा है,उन्हें इस बारे में कोई जानकारी आज तक नहीं हो पायी की गुनहगार कौन है? कोयला कामगारों को कम से कम ये तो पता चले कि गुनाहगार है कौन ? इसलिए आरटीआई के तहत आवेदन देकर जानकारी की मांग कोयला मंत्रालय से किया है “।
निम्न जानकारी की मांग की गयी है :👇
1.CMPFO द्वारा DHFL में किए गए ₹1390.25 करोड़ के निवेश से संबंधित सतर्कता जांच में किन अधिकारियों/कर्मचारियों को दोषी पाया गया है, कृपया उनके नाम, पदनाम और कार्यकाल प्रदान करें।
2.इस मामले में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा कोयला मंत्रालय को क्या सलाह दी गई थी? कृपया उसकी एक प्रति संलग्न करें।
3.दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई का विवरण दें (जैसे कि निलंबन, बर्खास्तगी, विभागीय जांच आदि)।
4.क्या इस मामले में किसी अधिकारी के विरुद्ध अब तक कोई कार्यवाही की गयी है,यदि हां तो उसका विवरण दें




