रांची:-यूनियनों के सदस्यता सत्यापन से जेसीसी/ संचालन समिति ,कॉरपोरेट सेफ्टी बोर्ड,वेलफेयर बर्ड में प्रतिनिधित्व पर कोई फर्क नहीं पड़ता।सबको हिस्सेदारी मिल जाती है।सदस्यता सत्यापन में भले ही किसी यूनियन को सबसे अधिक सदस्यता प्राप्त हो,इससे प्रतिनिधित्व पर कोई असर नहीं होता।
एक नजर दौड़ाइए सीआईएल के सहायक कंपनियों के जेसीसी में प्रतिनिधित्व पर:-
सीसीएल
यूनियन सदस्य
एटक 03
एचएमएस 03
बीएमएस 03
सीटू 01
BCCL
HMS (JMS) 02
KIMP (HMS) 01
UCWU (AITUC) 01
BCKU (CITU ) 01
DCKS (BMS) 01
BCMU (HMS) 01
ECL
CMU(INTUC) 01
BMS 01
CMS(AITUC) 01
CMC (HMS) 01
CMSI(CITU) 01
NCL
AITUC 02
HMS 02
INTUC 02
BMS 02
SECL
HMS 01
AITUC 01
INTUC 01
BMS 01
CITU 01
CMOAI 01
WCL
HMS 02
BMS 01
AITUC 01
CITU 01
CMOAI 01
MCL
INTUC 04
BMS 02
HMS 02
AITUC 02
CMOAI 01
CMPDIL
AITUC 01
CITU 01
BMS 01
इन आकड़ो के मुताबिक जेसीसी के गठन में सदस्यता सत्यापन का महत्व डब्ल्यूसीएल में दिखता है।एचएमएस डब्ल्यूसीएल में सदस्यता सत्यापन में पहले स्थान पर हैं तो जेसीसी में उसके दो प्रतिनिधि हैं।एमसीएल की स्थिति तो विचित्र है।एमसीएल के जेसीसी में इंटक के चार प्रतिनिधि हैं।इस बारे में एक मजदूर नेता कहते हैं दशकों से चला आ रहा है।यहां सदस्यता सत्यापन का कोई मतलब नहीं।हालांकि इस मुद्दे को बीएमएस कई वर्षों से उठा रहा है पर स्थिति जस की तस की बनी हुई है।




