सिंगरौली :- राष्ट्रीय कोलियरी श्रमिक संघ(इंटक) के पूर्व महामंत्री बीरेंद्र सिंह बिष्ट आज प्रबंधन पर संघ के महामंत्री लाल पुष्पराज सिंह का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए मुख्यालय में भूख हड़ताल पर बैठे।प्रबंधन स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को लेकर उन्हें भूख हड़ताल न करने का आग्रह किया।लेकिन श्री बिष्ट भूख हड़ताल पर बैठने की जिद करने लगे। सूत्रों के मुताबिक तब प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को सूचना दिया।पुलिस आने की सूचना मिलने के बाद श्री बिष्ट मुख्यालय परिसर से निकल गए। पूरे एनसीएल में लोग चटखारे लेकर चर्चा कर रहे हैं।जानकारी के मुताबिक श्री बिष्ट ने आज ही पत्र लिखकर प्रबंधन को भूख हड़ताल पर बैठने की सूचना दिया था।
पत्र में क्या है
श्री बिष्ट ने एनसीएल के निदेशक कार्मिक को लिखे पत्र में लिखा है कि माननीय न्यायालय के बिना स्पष्ट आदेश के पक्षकार की भूमिका निभाते हुए एक पक्ष को प्रोत्साहित किया जा रहा है।उन्होंने लिखा है कि एक गुट हमारे संघ से टूट कर जिन्हें संघ से निष्कासित किया गया है,द्वारा फर्जी,जालसाजी से संघ का चुनाव कराकर पंजीयक से मिलकर था एकराय होकर बिना फार्म ई में पंजीबद्व करा लिया।इसके विरुद्ध संगठन द्वारा माननीय औद्योगिक न्यायालय रीवा में प्रकरण प्रस्तुत किया है,जिस पर साक्ष्य व गवाही पर निर्णय लिया जाना है।जिस पर 22 अगस्त को तथा एक प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है।जिस पर 20 अगस्त को सुनवाई निर्धारित है।प्रबंधन बिना न्यायालय के स्पष्ट आदेश के फर्जी तथा जालसाजी से तैयार किया चुना को मान्यता देने का प्रयास कर पक्षकार की भूमिका निभा रहा है। श्री बिष्ट के इस आरोप पर प्रबंधन के आधिकारिक सूत्र का कहना है कि श्री बिष्ट इंडस्ट्रियल कोर्ट रीवा अंतरिम राहत के लिए गए थे,जहाँ अंतरिम राहत की उनकी अपील निरस्त कर दी गयी है।श्री बिष्ट जबलपुर हाई कोर्ट अंतरिम राहत के लिए गए,माननीय हाई कोर्ट से भी उन्हें अंतरिम राहत नहीं मिली है।जब अंतरिम राहत श्री बिष्ट को मिली नहीं और न माननीय कोर्ट लाल पुष्पराज सिंह के नेतृत्व वाले संगठन पर कोई रोक लगाया, ऐसे में हम औद्योगिक सबंध को सुचारू रखने के लिए रजिस्टार ट्रेड यूनियन के आदेश के मुताबिक काम कर रहे हैं।जैसे ही माननीय कोर्ट का कोई निर्णय आएगा,उसका पालन होगा।【श्री बिष्ट का पक्ष नहीं मिल पाया है,पक्ष मिलते ही खबर अपडेट कर दी जाएगा】



