धनबाद :- कोल इंडिया के अनुषंगी कंपनियों में व अन्य सरकारी कंपनियों के कोयला खदानों में निजी कंपनियों के खदानों की अपेक्षा दुर्घटनाओं में अधिक मौतें होती है।यह खुलासा संसद में एक सवाल के जवाब में कोयला मंत्री द्वारा दिए गए जवाब से होता है।कोयला मंत्री के जवाब ने सरकारी कोयला कंपनियों के सुरक्षा की पोल खोल कर रख दिया है।कोल इंडिया और इसके अनुषंगी कंपनियों में यूनिट स्तर से लेकर कॉरपोरेट स्तर तक सेफ्टी कमेटी हैं।लेकिन इन कमेटियों की बैठक का कोई कलेंडर नहीं।प्रबंधन को जब मन होता है,तब बैठक बुलाया जाता है।सेफ्टी कमेटियों में यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाले में भी नियमित बैठक के लिए आवाज नहीं उठाते।एक दो सदस्य निरीक्षण के नाम पर तफरीह करते हैं।नीचे पांच वर्षों के आंकड़े हैं जो सरकारी कोयला खदानों की सुरक्षा की पोल खोलती है :-
वर्ष निजी कंपनी सरकारी कंपनी
2020 02 51
2021 02 49
2022 00 28
2023 01 40
2024 01 48



