धनबाद : सीआईएल प्रबंधन कोयले के डिमांड में कमी से चिंतित है।आज इस मुद्दे पर सीआईएल एपेक्स जेसीसी की हुई बैठक गहन चिंतन किया गया।बैठक में प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में सीआईएल के पास 120 एमटी कोयले का स्टॉक है।निजी कंपनियों के कोयले क्वालिटी अच्छी है।रेलवे रैक समय पर उपलब्ध नहीं होता।हमें अपने कोयले की क्वालिटी सुधारने पर विशेष ध्यान देना होगा। यूनियन नेताओं ने आईपीओ,लेबर कोड,रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट होल्डरों के प्रमोशन,आदि मुद्दे उठाए।इस पर प्रबंधन ने कहा :- लेबर कोड केंद्र सरकार का नियम है,सीआईएल लागू करेगा,लागू करने के पूर्व यूनियनों से बातचीत किया जाएगा।रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट मामले में प्रबंधन ने इस पर विचार करने की बात कही।उल्लेखनीय है कि मई 2025 में एपेक्स जेसीसी की हुई बैठक में प्रबंधन ने कहा था कि सीएमडी मिट में रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट होल्डरों के प्रमोशन पर सहमति नहीं बन पाई थी।बैठक में ठेका मजदूरों, एचपीसी,और 9.4.0 को चालू करने की बात यूनियनों द्वारा उठाए गए। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन बी साईराम ने किया जबकि बैठक में सीआईएल के निदेशक डॉ विनय रंजन,निदेशक (बीड़ी),निदेशक वित्त,निदेशक मार्केटिंग सभी अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी और यूनियनों से रमेंद्र कुमार(एटक) हरभजन सिंह सिद्धू(एचएमएस),डीडी रामनन्दन(सीटू),केएल रेड्डी(बीएमएस),सर्वेश सिंह(CMOAI) उपस्थित थे।काफी लंबे समय के बाद एपेक्स जेसीसी की मीटिंग में एचएमएस के दिग्गज नेता नाथूलाल पांडेय नहीं थे।उनकी जगह एचएमएस के राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिद्धू उपस्थित थे।


