धनबाद (सीएनएन) :- सीएमपीएफओ के डीएचएफएल में 727.67 करोड़ डूबने की मामले की जांच कोयला मंत्रालय के विजलेंस ने किया।विजलेंस ने जांच रिपोर्ट दिया।विजलेंस के जांच रिपोर्ट पर केंद्रीय सतर्कता आयोग ने अपनी सलाह भी दे दी।पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।ऐसे में सीएमपीएफओ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ( बीओटी),इसके चेयरमैन, सदस्य और कोयला मंत्रालय पर सवाल उठना लाजमी है।इसे लेकर कोयला जगत में कई चर्चाएं चल रही है।
मामला
बताते हैं कि ‘ कैग ‘ के निर्देश पर कोयला मंत्रालय के विजलेंस विभाग ने मामले की जांच किया।जांच में विजलेंस ने जिम्मेदारी तय कर दिया।विजलेंस के इस रिपोर्ट पर सीवीसी ने भी अपनी सलाह दे दिया।ये सब वर्ष 2023 में ही हुआ।पर आज तक न दोषी का नाम सार्वजनिक हुआ और न ही दंड मिला।जानकर बताते हैं इस मामले में बलि के बकरे की तलाश तो कर ली गयी, पर बकरा बलि देने को तैयार नहीं।अगर बलि दी गयी तो वो पूरी सच्चाई सार्वजनिक कर देगा।इस बात को लेकर ही इतना विलंब हो रहा है।बकरे को मनाया जा रहा है।
बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ( बीओटी )
बीओटी की 179 वीं बैठक 24.11.2023 को हुई।इस बैठक में जब मुद्दा उठा तब बीओटी के अध्यक्ष सह कोल सचिव ने कहा , ” कोयला मंत्रालय के स्तर पर सतर्कता जांच की गई। प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है और जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। केंद्रीय सतर्कता आयोग की सलाह भी कोयला मंत्रालय को मिल गई है और उचित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
बीओटी की 180 वीं बैठक 22.2 2024 को होती है।इस बैठक में बीओटी अध्यक्ष सह कोल सचिव वही बात दुहराते हैं जो बीओटी की पिछली यानी 179 वीं बैठक में कहा था।कार्रवाई के बारे उन्होंने कहा कि , ” सीवीसी की सलाह पर मंत्रालय स्तर पर विचार किया जा रहा है “। अभी तक मंत्रालय स्तर पर विचार चल रहा ही रहा है।बीओटी के अन्य सदस्यों द्वारा इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर मुंह न खोलना भी कई सवालों को जन्म देता है।एक मजदूर संगठन के नेता ने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद सब हो जाएगा। दोषी को दंड देने में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट आड़े आता है क्या ? ये पूछने पर नेताजी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।बहरहाल इंतजार करिए और देखिए कि कब असली दोषी को या बकरे की बलि दी जाती है।




