रांची : चालू वित्तीय वर्ष 2025 – 26 के प्रथम छमाही में सीआईएल अपने निर्धारित लक्ष्य से कम उत्पादन किया है।इसके 7 उत्पादक कंपनियों में एक एनसीएल को छोड़कर अन्य सभी कंपनियां छमाही के निर्धारित लक्ष्य से पीछे हैं।वहीं एनसीएल प्रथम छमाही के लिए निर्धारित लक्ष्य 66.98 एमटी के विरुद्ध 69.38 एमटी यानी लक्ष्य से लगभग तीन एमटी अधिक उत्पादन किया है।प्रथम छमाही में सीआईएल का लक्ष्य 376.66 एमटी था।इसके विरुद्ध सीआईएल ने 329.13एमटी यानी 47 एमटी कम उत्पादन किया है।जानकारों की मानें तो प्रथम छमाही के नतीजे देख कर लगता है कि इस चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित 875 एमटी लक्ष्य को सीआईएल हासिल करने में असफल रहेगी।हालांकि सीआईएल के सूत्र कम उत्पादन के लिए मानसून,जमीन अधिग्रहण, विवाद को कारण बताते हैं।कहते हैं कि जमीन के अभाव के कारण कई बड़े प्रोजेक्ट का विस्तार नहीं हो पा रहा है जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है।जबकि मानसून भी एक बड़ा कारण है।आकड़ो के मुताबिक BCCL ने प्रथम छमाही के निर्धारित लक्ष्य 21.88 के विरुद्ध 15.74 एमटी, CCL ने 44.34 के विरुद्ध 29.53,ECL ने 24.05 के विरुद्ध 20.34,MCL ने 103.74 के विरुद्ध 96.53,NCL ने 66.98 के विरुद्ध 69.38,SECL ने 88.94 के विरुद्ध 72.66 और WCL ने 26.67 के विरुद्ध 24.84 एमटी कोयले का उत्पादन किया है।





