रांची : सीएमपीएफओ के डीएचएफएल में 727.67 डूबने की सीबीआई जांच की मांग लेकर रांची हाई कोर्ट में ” सेवा (CEWA) “द्वारा दायर WP(PIL) – 4486 /2022 को सुनवाई 17 अक्टूबर को हुई।सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने 21 नवंबर को अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित किया है। उल्लेखनीय है कि सीएमपीएफओ ने डीएचएफएल में 1390 .22 करोड़ का निवेश किया था।कंपनी के वित्तीय स्थिति धीरे धीरे बिगड़ने के बाद फंड मैनेजरों ने सीएमपीएफओ से रिडेम्पशन क्लॉज के तहत निवेशित राशि वापस लेने की अनुमति मार्च 2019 में मांगी। सीएमपीएफओ बीओटी की मीटिंग दिसंबर 2020 में अनुमति देने का निर्णय हुआ।तब डीएचएफएल दिवालिया घोषित हो गया।पैसे वापस लेने के निर्णय लेने में हुए विलंब के कारण सीएमपीएफओ का 727.67 करोड़ डूब गए।जानकारों का कहना है कि निर्णय में विलंब जानबूझकर किया गया।बाद में ये भी खुलासा हुआ डीएचएफएल ने भाजपा को 27 करोड़ का इलेक्ट्रोल बॉन्ड भी दिया था।इस मामले को लेकर कई बड़े लोग सवालों के कठघरे में हैं।कैग(CAG) ने भी सवाल खड़े किए हैं।इन्हीं सब मुद्दों को लेकर सेवा के सचिव संजीव श्रीवास्तव ने रांची हाई कोर्ट में एक पीआईएल दाखिल कर पूरे मामले की सीबीआई की जांच का आग्रह किया है।याचिका में कहा गया है सीबीआई जांच से बड़े घोटाले का पर्दाफाश होने की प्रबल संभावना है।




