राँची: ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के दौरे पर आए कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी को सीएमएसआई (सीटू) ने ज्ञापन दिया।संग़ठन के अध्यक्ष व सीआईएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य ,ईसीएल कॉरपोरेट जेसीसी सदस्य जीके श्रीवास्तव एवं संगठन सचिव व ईसीएल कॉरपोरेट जेसीसी सदस्य गौरांग चटर्जी संयुक्त रूप से ज्ञापन दिया।ज्ञापन में मंत्री का स्वागत करते हुए ईसीएल के मुद्दों का विस्तार से लिखा गया है।मुद्दे निम्नलिखित हैं :-
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानें उत्तम गुणवत्ता के कोयले से भरपूर हैं। इन कोयला खदानों के विकास हेतु एक चरणबद्ध योजना और पूंजी निवेश अत्यंत आवश्यक है। हम इन खदानों को विभागीय जनशक्ति एवं मशीनरी के माध्यम से संचालित कर सकते हैं।हम एमडीओ (माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर) एवं राजस्व साझेदारी का विरोध करते हैं। सरकार एवं कोल इंडिया को आगे आकर इन खदानों का यंत्रीकरण विभागीय जनशक्ति द्वारा या बड़े पैमाने पर उत्पादन तकनीक लागू कर करना चाहिए। उदाहरण के लिए एसएसआई खदान को एलएचसीएम के साथ चलाया जा सकता है और निगाह खदान का एसएसआई खदान में विलय किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त और भी खदानों की पहचान यंत्रीकरण के लिए की जा सकती है, जिन्हें विभागीय स्तर पर संचालित किया जा सके।सेंट्रल हॉस्पिटल काला और उसकी आधारभूत संरचना कोल इंडिया के लिए गर्व का विषय है। यदि इस अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन, अतिरिक्त प्रयोगशाला एवं एक्स-रे तकनीशियन तथा नर्सिंग स्टाफ की सुविधाएं प्रदान की जाएं, तो यह अस्पताल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकेगा। विकलांग कर्मचारियों पर आश्रितों को रोजगार एनसीडब्ल्यूए (NCWA) के प्रावधानों के अनुसार प्रदान किया जाना चाहिए।कोयला उद्योग में संविदा कर्मियों के लिए एचपीसी वेतनमान लागू हैं। प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ठेकेदार अपने श्रमिकों को एचपीसी वेतनमान का भुगतान कर रहे हैं। इसके अलावा, ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान की निगरानी हेतु एक प्रणाली भी होनी चाहिए। राज्य सरकार को ईसीएल प्रबंधन के साथ मिलकर कोयला चोरी और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए आगे आना चाहिए।नेताओं ने लिखा हैं कि आपके हस्तक्षेप से उपर्युक्त मुद्दों का समाधान होगा जिससे श्रमिकों एवं उद्योग दोनों को लाभ मिलेगा।




