धनबाद :- सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) वित्तीय वर्ष 2024 – 25 में अपने उत्पादन लक्ष्य 838 एमटी को हासिल कर पाएगी ? यह अहम सवाल है वित्तीय वर्ष के 9 महीने पूरे होने का बाद उठने लगे हैं।अप्रैल 2024 से दिसंबर 24 तक सीआईएल ने 543.36 एमटी कोयले का उत्पादन किया है।सवाल यह भी है कि क्या तीन महीने में सीआईएल 294.64 एमटी कोयला का उत्पादन कर लक्ष्य को हासिल कर पाएगी ? बाकी तीन महीनों के हर महीनें में सीआईएल को लगभग 98 एमटी कोयले का उत्पादन करना होगा।जबकि इसकी सहायक कंपनियों भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का इस वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में कोयला उत्पादन में नगेटिव है। बीसीसीएल के कोयला उत्पादन में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एसईसीएल के उत्पादन में 9.4 प्रतिशत की गिरावट हुई है।जबकि कोल इंडिया लिमिटेड की अन्य सहायक कंपनियों जैसे नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में कोयला उत्पादन में वृद्धि दर्ज किया है।
अप्रैल-दिसंबर अवधि में कोल इंडिया का उत्पादन 543.4 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष इसी अवधि में सीआईएल ने 531.9 मिलियन टन उत्पादन किया था।दिसंबर में महारत्न कंपनी द्वारा कोयला उत्पादन 72.4 मीट्रिक टन था, जबकि पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में 71.9 मीट्रिक टन कोयला उत्पादन हुआ था।
सीआईएल ने 2023-24 में निर्धारित लक्ष्य 780 एमटी के विरुद्ध773.6 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, लक्ष्य से पीछे रह गया था।
कंपनी वार उत्पादन
बीसीसीएल – 29.06
सीसीएल – 57.34
ईसीएल – 33.82
एनसीएल – 104.9
एमसीएल – 161.02
एसईसीएल – 111.54
डब्ल्यूसीएल – 45.1





