अवैध कब्जा के मामले में बीसीसीएल,सीसीएल एवं ईसीएल पहले,दूसरे,तीसरे स्थान पर
रांची :- कोल इंडिया के कुल 3,18263 आवासों में से 86,969 आवासों पर बाहरी लोगों का अवैध कब्जा है। 9488 आवासों पर अवैध रूप से सेवानिवृतों का कब्जा है।जबकि सीआईएल ने 13904 आवास अन्य लोगों को आधिकारिक रूप से आवंटित किया है।कंपनी के आवासों पर अवैध कब्जा के मामले में बीसीसीएल सीआईएल की अनुषंगी कंपनियों में टॉप पर है।कुल 62968 आवासों में से 24854 आवासों पर बाहरी लोगों का अवैध कब्जा है।1479 आवासों पर सेवानिवृत्त कर्मचारी काबिज हैं।दूसरे स्थान पर सीसीएल है।जहां कुल 56780 आवासों में से 22520 पर बाहरी लोगों का कब्जा है।कितने सेवानिवृतों का कब्जा है,इसके आंकड़े नहीं दिए गए हैं।तीसरे स्थान पर ईसीएल हैं जहाँ कुल 58417 में से 18213 बाहरी,3646 सेवानिवृतों, एमसीएल के कुल 16264 में बाहरी 1292,सेवानिवृत्त 430,एनसीएल के कुल 16781 में से बाहरी 515,सेवानिवृत्त 142, एसईसीएल के कुल 63078 में से बाहरी 9389,सेवानिवृत्त 3566,डब्ल्यूसीएल के कुल 40582 में से बाहरी 10172,सेवानिवृत्त 147,सीएमपीडीआई के कुल 1926 में से बाहरी 11,एनईसी के कुल1354 में से एक पर भी बाहरी का कब्जा नहीं, 38 पर सेवानिवृतों एवं सीआईएल मुख्यालय के 77 आवासों में से एक पर भी न बाहरी का और न ही सेवानिवृतों का कब्जा है।
कमेटी :- कंपनी के सरप्लस आवासों के लाभदायक उपयोग के लिए एक कमेटी गठित हुई थी।जिसकी तीन बैठक भी हो चुकी है।पर नतीजा ढाक के तीन पात।कमेटी केवल बैठक तक ही सिमट कर रह गयी है।इस कमेटी को सरप्लस आवास सेवानिवृतों को लीज/ रेंट पर देने के बारे में अनुशंसा करना था।इस पर विस्तृत रिपोर्ट अगले खबर में।
नोट :- आंकड़े आधिकारिक हैं।






चाहिए मुझे भी