धनबाद :- सीएमपीएफओ ट्रस्टी बोर्ड की 29 जुलाई को दिल्ली में हुई बैठक का बीएमएस प्रतिनिधि के एल रेड्डी ने बहिष्कार किया ? यह चर्चा का विषय बना हुआ है।जितने लोग उतनी बातें।पर आधिकारिक व बैठक में शामिल सूत्र बताते हैं कि श्री रेड्डी ने बैठक का एक तरह से बहिष्कार किया है।सूत्र का कहना है बैठक शुरू होने के पूर्व श्री रेड्डी आए और बैठे। बोर्ड के चेयरमैन व कोयला सचिव आते ही करवाई शुरू होती इससे पहले श्री रेड्डी उठे और चल दिए।हालांकि बीएमएस के दूसरे प्रतिनिधि आज़हीश मूर्ति बैठे रहे ।बताते हैं कि बोर्ड के प्रतिनिधि मनोनीत होने का बाद बोर्ड की पहली बैठक में श्री रेड्डी ने नम्बर एक स्थान पर बैठने की मांग किया।तब उन्हें बताया गया कि गजट के अनुसार सिटिंग अरेंजमेंट हुआ है।तब श्री रेड्डी ने एक नम्बर यूनियन होने की बात कही, तब उन्हें कहा गया आप गजट फिर से जारी करवा दीजिए।जबकि उसी बैठक में एचएमएस के राकेश कुमार ने कहा कि एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष हम सबसे सीनियर हैं,आप उनके बगल में बैठ जाएं,लेकिन श्री रेड्डी साहब स्वीकार नहीं किए।
29 जुलाई की बैठक में भी उन्हें बताया गया कि सिटिंग अरेंजमेंट गजट के अनुसार है।इसके बाद वे चलते बने।हालांकि उस दिन कहा गया कि श्री रेड्डी कार्यवश चले गए थे।सूत्र कहते हैं कि कार्य अचानक तो हुआ नहीं होगा।अगर कोई काम रहता तो मीटिंग शुरू होने के पूर्व से कैसे बैठे हुए थे।सूत्र यह भी कहते हैं ट्रस्टी बोर्ड की मीटिंग से भी महत्वपूर्ण काम क्या था ? सूत्र ने बताया कि बोर्ड की मीटिंग में ही नेताओं को कोयला मंत्री से मिलने का आमंत्रण मिला।कोयला मंत्री से मिलने भी श्री रेड्डी और आशीष मूर्ति नहीं गए। इस बारे में सूत्र का कहना है कि बोर्ड की सिटिंग अरेंजमेंट से नाराज श्री रेड्डी ने कोल मंत्री के साथ आयोजित बैठक का भी बहिष्कार कर दिया। इस पर श्री रेड्डी या बीएमएस का पक्ष नहीं मिल सका।पक्ष मिलते ही अपडेट किया जाएगा।




