आसनसोल :- कंपनी आवास पर अवैध कब्जे कारण अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष व ईसीएल कर्मी जयनाथ चौबे का सेवानिवृत्त होने के बाद भी ग्रेच्युटी का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है।जबकि उनके सेवानिवृत्त हुए महीनों हो चुके हैं। बताते हैं कि श्री चौबे ईसीएल सोदपुर एरिया के परबेलिया में कार्यरत थे।जिन्हें कल्याणपुर हाउसिंग स्थित AS 4/05/01 आवास आवंटित था।जिसे रिटायरमेंट के बाद प्रबंधन को हैंड ओवर कर दिया।लेकिन श्री चौबे पर परबेलिया स्थित कंपनी का आवास संख्या NHS/68/489 पर अवैध कब्जे का आरोप है।सौदपुर एरिया के क्षेत्रीय प्रबंधक (एचआर) द्वारा 17 जुलाई 2025 को सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता धीरज गिरी को लिखे पत्र में कहा गया है कि ,” श्री चौबे आवास संख्या NHS/68/489 को हैंड ओवर नहीं किया है। इस आवास पर अवैध कब्जे को लेकर श्री गिरी ने काफी लंबी लडाई लड़ा है।बताते हैं ग्रेच्युटी भुगतान की भी तैयारी हो चुकी थी।इसकी भनक मिलते ही श्री गिरी ने सीआईएल के उच्च प्रबंधन से लिखित शिकायत किया ,जिसके बाद भुगतान करने में लगे स्थानीय अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए।चर्चा है कि एबीकेएमएस और बीएमएस के नेता अवैध कब्जे वाले आवास को बगैर हैंड ओवर कराए ग्रेच्युटी भुगतान कराने में लगे हैं।दूसरी ओर श्री गिरी द्वारा सबूतों के साथ सीआईएल उच्च प्रबंधन को किए गए शिकायतों के बाद प्रबंधन हरकत में आ गया है।अब देखना दिलचस्प है कि इस मामले का परिणाम क्या होता है।




