सिंगरौली :- इंटक की यूनियन आरसीएसएस के पूर्व महासचिव बीरेन्द्र सिंह बिष्ट को आज फिर एक बार झटका लगा। जब दुध्दि के एसडीएम ने श्री बिष्ट द्वारा खड़िया के अफसर क्लब में यूनियन का चुनाव कराने से रोक दिया।एसडीएम ने ये भी हिदायत दिया कि जब श्री बिष्ट के पक्ष में न्यायालय का कोई आदेश नहीं आ जाता तब तक आरसीएसएस का कोई चुनाव न कराएं।इसके बाद श्री बिष्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम बगैर चुनाव का समाप्त हुआ।
मामला :- 19 जून को ट्रेड यूनियन रजिस्टार द्वारा लाल पुष्पराज सिंह के महामंत्री वाले कमेटी को मान्यता देने के बाद श्री बिष्ट इंडस्ट्रियल कोर्ट एवं जबलपुर हाई कोर्ट गए।लेकिन कोई राहत नहीं मिली।उसके बाद आज उन्होंने यूनियन की कमेटी का चुनाव कराने का घोषणा किया था।इसके लिए अखबारों में विज्ञापन व खबरें छपी थी।जिसमें कहा गया था कि 4 अक्टूबर को खड़िया अफसर क्लब में आरसीएसएस की आम सभा होगी।जिसमें राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष, विधायक जयमंगल सिंह,उपाध्यक्ष एके झा समेत कई नेता शामिल होंगे।इसके बाद आरसीएसएस के महामंत्री लाल पुष्पराज सिंह ने 2 अक्टूबर को उपजिलाधिकारी(एसडीएम) सोनभद्र को एक आवेदन देकर शांति भंग होने की संभावना जताते हुए उचित कार्रवाई हेतु आवेदन दिया।उक्त आवेदन के आलोक में आज दिन 12 बजे थाना शक्तिनगर में एसडीएम ने दोनों पक्षों को बुलाया।एसडीएम ने दोनों पक्षों के दस्तावेज देखे,दलीलें सुनी।दस्तावेज देखने के बाद एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं जिनका पंजीयक कार्यालय भोपाल द्वारा लिपिबद्ध है।इसके खिलाफ किसी कोर्ट से श्री बिष्ट को कोई राहत प्राप्त नहीं है।इस कारण रजिस्टार का आदेश प्रभावशील है।ऐसे में दूसरी कमेटी गठन करना विधि सम्मत नहीं है।इसलिए आप चुनाव न कराएं।इससे शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। इसके बाद आम सभा स्थगित हो गया।इस बारे में लाल पुष्पराज सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने के बाद श्री बिष्ट फर्जी चुनाव नहीं करा पाए।





