धनबाद (सीएनएन) – कोयला खान भविष्यनिधि संस्थान (सीएमपीएफओ ) द्वारा डीएचएफएल में निवेश किए गए 19390.25 करोड़ में 727.67 करोड़ रुपये राइट ऑफ के कगार है।यों मानिए की राइट ऑफ करने के अलावे अन्य कोई विकल्प नहीं है।अभी ये मुद्दा शांत भी नहीं हुआ कि फिर करोड़ो रुपये राइट ऑफ होने के राह पर तेज गति से अग्रसर है।
सीएमपीएफओ के एक दस्तावेज (सीएनएन के पास उपलब्ध है) कि मुताबिक आईएल एंड एफएस एवं आईएलएफएस में 100.80 करोड़ निवेश किया।कंपनी की आर्थिक स्थिति बदतर हुई।भारत सरकार ने 24-09-2018 को एनसीएलटी में आईएल एंड एफएस द्वारा दायर आवेदन के आधार पर आईएल एंड एफएस के बोर्ड को निलंबित कर दिया। इसके अलावा, एनसीएलटी ने 04-10-2018 को नया बोर्ड नियुक्त किया और इस बोर्ड द्वारा समाधान प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार द्वारा नियुक्त बोर्ड ने आईएल एंड एफएस और आईएलएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज को क्रमशः 28% और 37% भुगतान सीएमपीएफओ को करने का मार्गदर्शन दिया है।
इसी तरह रिलायंस कैपिटल में 150 करोड़ एक्सपोजर है।कंपनी की आर्थिक बदहाली जगजाहिर है। आरबीआई ने 29-11-2021 को आरसीएपी के निदेशक मंडल को अधिक्रमण करके अपना प्रशासक नियुक्त किया। आरबीआई ने 17-11-2023 को सक्सेसफुल रेजोल्यूशन एप्लीकेशन की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आईआईएचएल बीएफएसआई (इंडिया) लिमिटेड को आरसीएल के नियंत्रण के प्रस्तावित हस्तांतरण के लिए कोई आपत्ति नहीं दी है। सीसीआई ने भी 27-12-2023 को हस्तांतरण को मंजूरी दिया।सीएमपीएफओ के कुल एक्सपोजर 150 करोड़ रुपये में से 55-58 प्रतिशत भुगतान अपेक्षित है।उपरोक्त सारी जानकारी सीएमपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड की फरवरी 2024 को हुई मीटिंग में रखी गयी है।





