रांची : सरकार ने कोयला-लिग्नाइट संसाधन अन्वेषण के लिए अधिकृत एजेंसियों की सूची में 18 निजी संस्थाओं को जोड़ा है।इससे पूर्व 27 निजी संस्थाओं को अधिकृत किया था।
केंद्र सरकार ने कोयला एवं लिग्नाइट संसाधनों की खोज (exploration) के लिए अधिकृत एजेंसियों की सूची का विस्तार करते हुए 18 नई निजी संस्थाओं को शामिल किया है। इस बदलाव के साथ अब कुल अधिकृत एजेंसियों की संख्या 45 हो गई है।
सरकार ने 26 नवम्बर 2025 को — Quality Council of India (QCI) – National Accreditation Board for Education and Training (NABET) द्वारा मान्यता प्राप्त उन निजी संस्थाओं को, ‘मान्यता प्राप्त अन्वेषण (Prospecting) एजेंसियाँ’ (Accredited Prospecting Agencies – APAs) के रूप में अधिसूचित किया है।
यह कदम खनन क्षेत्र में प्रक्रिया को तेज कराने, खदान ब्लॉक पाए गए आवंटितकर्ताओं (allottees) को विकल्प व लचीलापन प्रदान करने, तथा कोयला-लिग्नाइट उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्य बिंदु
खदान को चालू करने से पहले अन्वेषण व भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट (geological report) तैयार करना अनिवार्य होता है। अधिक एजेंसियों के जुड़ने से इस प्रक्रिया में लगने वाला समय लगभग 6 महीने घट जाएगा।
नए एजेंसियों के जुड़ने से निजी क्षेत्र की संसाधन-क्षमता, दक्षता, प्रतिस्पर्धा और प्रौद्योगिकी-नवाचार (technological innovation) का लाभ मिलेगा।
इससे देश में कोयला व लिग्नाइट की उपलब्धता बढ़ाने, खनन एवं ऊर्जा उत्पादन को तेज करने और राष्ट्रीय ऊर्जा-आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में मदद मिलेगी।लगभग 215 कैप्टिव / कमर्शियल माइनिंग के लिए कोल ब्लॉक आवंटित हैं ,जिनमे से मात्र 76 कोल ब्लॉक्स से उत्पादन शुरू हो पाया।सरकार चाहती है कैप्टिव / कमर्शियल कोल ब्लॉक्स से जल्द से जल्द उत्पादन शुरू हो सके।दी हिंदू और इकोनॉमिक्स टाइम्स से इनपुट के साथ।




